हिमाचल के MDM कर्मचारियों ने 5 महीने से नहीं पाई मानदेय, विधानसभा का किया घेराव

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मिड-डे मील (MDM) वर्करों ने हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अपनी मानदेय के अधिकार के लिए आवाज बुलंद की हैं, और विधानसभा के सामने अपने आंदोलन का संज्ञान दिलाया है। ये MDM वर्कर अपने मानदेय के पेंडिंग होने के चलते परिवारिक संघर्ष का सामना कर रहे हैं।

MDM वर्करों की महासचिव हिमी देवी ने बताया कि उन्हें पिछले 5 महीनों से मानदेय नहीं मिली है, जिसके कारण उनका परिवार परेशानी में है। वह अपने बच्चों की फीस भी नहीं दे पा रहे हैं और उन्हें छुट्टियां भी नहीं मिल रही हैं।

इसके अलावा, हिमी देवी ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेशों का भी पालन नहीं हो रहा है, जिनमें MDM वर्करों को 12 महीने की मानदेय देने के निर्देश थे, लेकिन उन्हें अब तक सिर्फ 5 महीने की मानदेय मिली है।

MDM वर्करों की मांगें हैं:

  1. मानदेय के समय पर भुगतान का सुनिश्चित करना।
  2. सरकारी कर्मचारियों की तरह छुट्टियां प्रदान करना।
  3. छंटनी को रोकने का निष्कर्ष लेना।
  4. कम से कम 375 की दिहाड़ी के हिसाब से मानदेय देना।

विधानसभा के बाहर उनका धरना-प्रदर्शन जारी है, और वे सरकार से अपनी मांगों की पूर्ति करने की मांग कर रहे हैं।

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