कुल्लू के सेब की लाली देश में छाई, 1200 टन सेब मंडियों को हो रहा सप्लाई

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मंडी से अगस्त में 1200 टन सेब की लाली, कुल्लू का सेब देश भर की मंडियों पर लवरेज होने लगा। जम्मू-कश्मीर में अर्ली वैरायटी की धूम देखी जा रही है और इसके साथ ही प्रदेश भर के अन्य राज्यों में भी इसका कारोबार बढ़ता जा रहा है। कुल्लू में सेब की फसल के आने से रोजमर्रा के जीवन में खुशियां छा गई हैं। जिले के बागबानों को सेब के दाम भी अच्छे मिल रहे हैं, जिससे उनकी आमदनी में वृद्धि हो रही है।

जुलाई और अगस्त के पहले सप्ताह में कुल्लू जिले से अधिकांश सेब की फसल देश की मंडियों तक पहुंच गई है। भुंतर, बंदरोल और पतलीकूहल मंडियों में भी बड़ी मात्रा में सेब का कारोबार हुआ है। पिछले साल की तुलना में इस समय तक कुल्लू के सेब का उत्पादन देरी से हुआ है, लेकिन इसके बावजूद उत्पादकों को दाम अच्छे मिल रहे हैं।

बागबानी विशेषज्ञों के अनुसार, अरली और विदेशी किस्मों को मार्केट में अच्छा रेट मिल रहा है जिससे किसानों की आय बढ़ रही है। इसी क्रम में आने वाले एक माह तक जिले का सेब मार्केट में इसी तरह बिकता रहेगा।

जम्मू-कश्मीर में सेब की उत्पादन राज्य के लिए महत्वपूर्ण है, और वह देश के सबसे बड़े सेब उत्पादक राज्य में से एक है। इस वजह से जम्मू-कश्मीर के सेब के दाम बढ़ते हैं और बागबानों को अच्छी आमदनी होती है।

पिछले सप्ताह से सोलन में सेब की खरीद पर आढ़ती और लदानी के बीच विवाद हो रहा था। सेब की पेटी पर काट सहित किलो के हिसाब से सेब की खरीद को लेकर यह विवाद उत्पन्न हुआ था। इसे लेकर सचिव से मिलने पर मामला सुलझ गया और सेब की खरीद किलो के हिसाब से ही की जाएगी। सोलन सेब मंडी में पिछले साल भी करीब 400 करोड़ का कारोबार हुआ था।

सेब के दामों में बढ़ोतरी और अच्छे मौसम के कारण, बागबान खुश हैं। सेब का कारोबार समृद्धि के माध्यम से बढ़ रहा है और किसानों को अच्छी आय का मौका मिल रहा है।

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