बिलासपुर समाचार: पशुपालक अब गाय के गोबर से धूप और अगरबत्ती बनाएंगे, रोजगार के नए द्वार खुले

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बिलासपुर, [8/6/2023]: बिलासपुर जिले के कृषि विज्ञान केंद्र बरठीं ने अद्वितीय पहल की शुरुआत की है, जिसमें गाय के गोबर का उपयोग रोजगार के स्रोत के रूप में किया जाएगा। इस पहल के तहत पशुपालक अब गाय के गोबर से धूप, अगरबत्ती, हवन की समिधा, और गमले बनाना सीख रहे हैं। जिससे स्थानीय गरीबों को नए रोजगार के अवसर मिल सकेंगे।

कृषि विज्ञान केंद्र बरठीं के प्रभारी, डॉ. सुमन ने बताया कि इस पहल के तहत गांव में तीन लाख रुपये की मशीनें भी स्थापित की गई हैं, जो गोबर को साफ करके उपयोगी उत्पादों में परिवर्तित करेंगी। इन मशीनों के माध्यम से गाय के गोबर से गमले बनाए जाएंगे, जिनकी विशेषता यह होगी कि वे सस्ते होंगे और पौधों के लिए आवश्यक पोषण तत्वों से भरपूर रहेंगे।

डॉ. सुमन ने इसके अलावा बताया कि यदि गोबर अधिशेष बच जाता है, तो उसे सूखाकर बद्दी की फैक्ट्रियों में भेजा जाएगा, जहां इसका उपयोग ईंधन के रूप में होगा। उन्होंने यह भी बताया कि कोयले के पाउडर को गोबर में मिलाकर उपले बनाने पर भी विचार किया जा रहा है, जिससे ऊर्जा के स्रोतों में नए विकल्प खुल सकें।

जिले में पशुपालन से जुड़े बहुत से लोगों के पास पशुओं का गोबर अधिशेष बच जाता है, जिसका उपयोग अब उनके आर्थिक विकास के लिए किया जा सकेगा। इस पहल के माध्यम से स्थानीय गरीबों को नए रोजगार के अवसर मिलेंगे और गांवों में स्वच्छता का ध्यान भी बढ़ेगा।

डॉ. सुमन ने इस पहल को प्रदेश के पहले केंद्रीय कृषि विज्ञान केंद्र के रूप में भी प्रमोट किया और बताया कि यह पहल गाय के गोबर के उपयोग के नए आयाम खोल सकती है।

इस पहल के अंतर्गत गाय के गोबर का उपयोग धूप, अगरबत्ती, हवन की समिधा, और गमलों के निर्माण के लिए किया जाएगा।

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